सेरोगेट माता की सहायता ले
अष्टावक्र एक ऐसे बुद्ध पुरुष थे जिनका नाम आध्यात्मिक जगत् में बड़े सम्मान से लिया जाता है। अल्प आयु में ही इन्हें आत्मज्ञान हो गया था। इनके जीवन के बारे में एक कथा है कि ये शरीर के आठ अंगों से टेढ़े-मेढ़े व कुरूप तो थे ही
इसी कारण उन्हें ' कौटिल्य ' भी कहा जाने लगा I अध्ययन पूरा करने के बाद तक्षशिला विश्ववविधालय में ही चाणक्य अध्यापन करने लगे I इसी दौर में उत्तर भारत पर अनेक विदेशी आक्रमणकारियों की गिद्ध दृष्टि पड़ी
इसके अतिरिक्त इस पुस्तक में ऐसी अलौकिक
Sachitra Jyotish Shiksha (Ganit Khand, Second): (Part 1) [Hindi] check सेरोगेट माता की सहायता लेSachitra Jyotish Shiksha (Ganit Khand, Second): Part I [Hindi] by Babulal Thakur Jyotishacharya Publisher: Motilal Banarsidass Publication Books (MLBD) , , , , , : , , , , , , , , , , , : : , , , , , , , , , , : : : :